DIL SHAYARI


उतरा है मेरे दिल में कोई चाँद नगर से,

अब खौफ ना कोई अंधेरों के सफ़र से,
वो बात है तुझ में कोई तुझ सा नहीं है,
कि काश कोई देखे तुझे मेरी नजर से।