दिल के मंदिर में सजा़ रखी है मूरत तेरी

दिल के मंदिर में सजा़ रखी है मूरत तेरी !
मेरे जीने की तो सूरत है ये सूरत तेरी !
रात दिन साथ रहो.सीने में धड़कन की तरह !
आओ मिल जाऐं हम सुगंध और सुमन की तरह !
एक हो जाऐं चलो जान और बदन की तरह !!