गुलज़ार शायरी

gulzar poetry

उसको भी मोहब्बत तो है मुझसे,

आज वो चाय बनाना सीख रही थी!

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मुश्किल होता है जवाब देना,

जब खामोश रह कर भी सवाल पूछ लेते हैं!

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पूरे की ख़्वाहिश में ये इंसान बहुत कुछ खोता है ,

भूल जाता है की आधा चाँद भी ख़ूबसूरत होता है…!!!

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मिलो एक बार को तुम

शिदत से एक बात करनी है

तूझ से गले लग कर

तेरी ही शिकायते हजार करनी है.!!

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प्यार कब किसका पूरा होता है,

इसका तो पहला अक्षर ही अधूरा होता है!

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माना कि आज तक मेरे को किसी का दिल जीतना नहीं आया,

मगर ये तो बताओ कि यहां दिल है किसके पास!