प्यार में किसी से झूठा इजहार नहीं करना


प्यार में किसी से झूठा इजहार नहीं करना!
जा यहाँ से तुझ से अब प्यार नहीं करना,!!
खोया रहता था दिन रात तेरी याद में!
चली जा अब तेरा इंतज़ार नहीं करना,!!

खो दिया मेने सब कुछ तेरी मोहब्बत में !
जा बेबफा अब तेरा एतबार नहीं करना!!
देख लिया खुद को बर्बाद करके हमने !
तू किसी से अब प्यार की फरयाद नहीं करना!!

मुझे तो प्यार से लुट लिया है तू ने !
किसी और को मेरी तरह बर्बाद नहीं करना!!

कभी कोई अपना अनजान हो जाता है


कभी कोई अपना अनजान हो जाता है !
कभी अनजान से प्यार हो जाता है !
ये जरुरी नही कि जो ख़ुशी दे उसी से प्यार हो !
दिल तोड़ने वालो से भी प्यार हो जाता है !!

तेरा चेहरा सुब्ह का तारा लगता है

तेरा चेहरा सुब्ह का तारा लगता है !
सुब्ह का तारा कितना प्यारा लगता है !
तुम से मिल कर इमली मीठी लगती है !
तुम से बिछड़ कर शहद भी खारा लगता है !
रात हमारे साथ तू जागा करता है !
चाँद बता तू कौन हमारा लगता है !
किस को खबर ये कितनी कयामत ढाता है !
ये लड़का जो इतना बेचारा लगता है !
तितली चमन में फूल से लिपटी रहती है !!
फिर भी चमन में फूल कँवारा लगता है;
'कैफ' वो कल का 'कैफ' कहाँ है आज मियाँ;
ये तो कोई वक्त का मारा लगता है।

दिल के मंदिर में सजा़ रखी है मूरत तेरी

दिल के मंदिर में सजा़ रखी है मूरत तेरी !
मेरे जीने की तो सूरत है ये सूरत तेरी !
रात दिन साथ रहो.सीने में धड़कन की तरह !
आओ मिल जाऐं हम सुगंध और सुमन की तरह !
एक हो जाऐं चलो जान और बदन की तरह !!