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Two Line Shayari Short Love Shayari

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Two Line Shayari Short Love Shayari



Two Line Shayari Short Love Shayari



Two Line Shayari


अगर शक है मेरी मोहब्बत पे तो दो चार गवाह बुला लो,
हम आज, अभी, सबके सामने, ये जिन्दगी तेरे नाम करते है....!!

मुश्किल बस इतनी है हमें.. जताना नहीं आता,
इल्ज़ाम ये लगा है कि हमें निभाना नही आता....

लफ्जों से इतना आशिकाना ठीक नहीं है ज़नाब,
किसी के दिल के पार हुए तो इल्जाम क़त्ल का लगेगा।

उसको बेवफा कहकर अपनी ही नजर में गिर जाते है हम,
क्यों कि वो प्यार भी अपना था और पसंद भी अपनी थी…

इश्क़ ने भी कैसी तबाही मचा रखी है........
आधी दुनिया पागल और आधी शायर बना रखी है...!!

फिक्र है सब को, खुद को सही साबित करने की​
​जैसे ये जिन्दगी, जिन्दगी नही, कोई इल्जाम है।

हज़ार महफ़िल है.... लाख मेले है
जहाँ आप नहीं.... वहाँ हम अकेले हैं...!!

इस मतलबी दुनिया की एक बात नीराली थी
सबके पास सब कुछ था बस दिल वाली जगह खाली थी।

जो हुआ उसका गम न कर रो रो कर आँखे नम न कर
ज़िन्दगी का खेल निराला है एक अँधेरे से अपना उजाला कम न कर!

बनाया तो था खुद की जिंदगी के लिए
मगर दिल किसी और के लिए धड़कने लगा।

जिस दिन.... तेरे हाथो की पकड़ ढीली पड़ी थी
समझ गया था तभी कि अब रास्ते बदलने वाले है।

मोहब्बत क्या होती है मालूम नहीं था, बस एक पागली मिली,
और जिन्दगी , सत्यानाश हो गयी...!!

एक पंखा ही मेरी तन्हाई में रात भर मुझसे बात करता था
कमबख्त मौसम की दस्तक ने उसकी भी जबान छिन ली।

मेरे ख़याल से,,, अब हम.....
तेरे......ख़्याल में भी नहीं बचे...!!

short shayari on love

अक्सर कमजोर बना देती है तारीफे,
जब सामने आती है हकीकत की दीवारें।

सच्चे किस्से शराबखाने में सुने, वो भी हाथ मे जाम लेकर,
झूठे किस्से अदालत में सुने, वो भी हाथ मे गीता-कुरान लेकर....

छुपा ले मुझे अपने सांसो के दरमियां
कोई पूछे तो कहना ज़िन्दगी है मेरी.....

हर गरीब पर इतनी दया करना ऐ रब,
दिल भले ही टूट जाए पर मोबाइल न टूटे..

वो अब भी मुझे याद है...
लानत है ऐसी यादाश्त पर...

हाथ तो उनके भी गंदे हुए होंगे,
जिन्होंने मेरे नाम पर कीचड़ उछाला है..!

किस्मत भी हम पर क़यामत ढा गयी
हम उनके लिए जगे,उन्हें नींद आ गयी।

two line shayari


मुझे रब ने सिर्फ सब को तंग करने के लिए बनाया है
ये इश्क का तो तूने हम पे इल्जाम लगाया है।

वक्त सिखा देता है​ उसूल जिन्दगी का
​​फिर नसीब क्या?​​ लकीर क्या?​​ और तकदीर क्या?​​

बर्फ का वो शरीफ टुकड़ा जाम में क्या गिरा... बदनाम हो गया
देता जब तक अपनी सफाई...वो खुद शराब हो गया...

तुझे हम इश्क करना सिखायेगे
दो पल रुक तुझे धरती पे ही जन्नत दिखाएंगे।

पैरों के छाले सुहाना सफर लगने लगे हैं
जब से हम मंजिल के करीब आने लगे हैं।

मैंने कहा मैंने मेरा सबकुछ तुम्हे दिया...
तुमने सुना मैंने तुम्हारा सब छीन लिया....

Two Line Hindi Shayari


महफ़ूज रख, बेदाग़ रख, मैली ना कर ज़िन्दगी
मिलती नहीं इंसान को, किरदार की चादर नई।

ये रात एक सफर है ख्वाबों का....
सुबह एक तलाश है  मंजिल की .......

मुझे मालूम है कि ये ख्वाब झूठे हैं और ख्वाहिशें अधूरी हैं
मगर जिंदा रहने के लिए कुछ गलतफहमियां भी जरूरी हैं…

कैसे करें हम खुद को,तेरे प्यार के काबिल..
जब हम आदतें बदलते हैंतो तुम शर्तें बदल देते हो..

तेरी शान में क्या नज़्म कहूँ अल्फाज नही मिलते. . .
कुछ गुलाब ऐसे भी हैं जो हर शाख पे नही खिलते. . .

किसी ने धुल क्या झोकी आँखो मे
कमाल तो देखो पहले से अच्छा दिखने लगा है ...!!

जमाना कुछ भी कहे उसकी परवाह ना कर
जिसे ज़मीर ना माने उसे सलाम ना कर ।

मैं 60 किलो का पुरुष वो 80 किलो की नारी
वजन से ही दबकर मर गई मुहब्बत हमारी।

जिन्दगी के बारे मे इतना ही लिख सकी हुँ मै,
कि कुछ गहरे रिश्ते थे कमजोर लोगो से ...!!

भूल जाए तुमको कोई इरादा नहीं हैं तेरे सिवा किसी और से वादा कोई नहीं हैं
निकाल देते दिल से शायद तुमको मगर इस नादान दिल में कोई दरवाजा नहीं है

कागज पर लिखी ग़जल बकरी चबा गई।
चर्चा पूरे शहर में हुआ कि बकरी शेर खा गई।

कुछ लोग जाहिर नहीं करते
मगर परवाह बहुत करते हैं।

वो चाहती थी रूह तक सौंप दे उसे
मगर उस आदमी की तो बस बदन पर निगाह थी

कुछ ज्यादा नही जानते मोहब्बत के बारे में,
बस उन्हें सामने देखकर मेरी तलाश खत्म हो जाती है।

ना चाँद अपना था और ना तू अपना था ...
काश दिल भी मान लेता ....की सब सपना था ...
या खुदा हमे माफ कर अब तेरी नही
उनकी इबादत करने लगे हैं।

दुपट्टा क्या रख लिया उसने सर पर वो दुल्हन नजर आने लगी
उसकी तो अदा हो गई और जान हमारी जाने लगी...

Two Line Shayari Hindi


आखो से पढी जाती है हया की कहानी
चेहरे पर नकाब डाल के कोई पारसा नही होता...

इंतज़ार ऐ इश्क में बैचैनी का आलम मत पूछो
हर आहट पर लगता है, वो आये है… वो आये है....

वो आँखें जिन से मुलाक़ात इक बहाना हुआ.....
उन्हें ख़बर ही नहीं कौन कब निशाना हुआ....

दीदार की तलब हो तो नजर जमाये रखना ग़ालिब,
क्योंकि नसीब हो या दुपट्टा, सरकता जरुर है.!!

सोचा था इस कदर उनको भूल जाएँगे, देखकर भी अनदेखा कर जाएँगे,
पर जब जब सामने आया उनका चेहरा, सोचा एस बार देखले, अगली बार भूल जाएँगे……

काश कोई ऐसी भी हवा चले
कौन किसका हमको भी पता चले...

सितारे भी जाग रहे हो, रात भी सोई ना हो,
ऐ चाँद मुझे वहाँ ले चल जहाँ उसके सिवा कोई ना हो

कभी किसी को छला नहीं,
इसीलिए तो मैं चला नहीं....

सब एक चराग के परवाने होना चाहते हैं
अजीब लोग हैं दीवाने होना चाहते हैं.....

टूट कर अब हम बिखरने लगे हैं
सच छोड़ कर झूठ अब निखरने लगे हैं।

ज़िन्दगी की हकीकत को बस इतना ही जाना है
दर्द में अकेले हैं और खुशियों में सारा जमाना है…

किसी और के दीदार के लिए उठती नहीं ये आँखे....
बेईमान आँखों में थोड़ी सी शराफ़त आज भी है.....

इंसानो की बस्ती का यही तो बस एक रोना है
अपने हो तो ज़ज्बात, दूसरों के हों तो खिलौना है...

आज हर चीज बिक  गयी बाज़ार में
पर हमारी तन्हाई को खरीदने एक ना आया

तरह - तरह से "भुलाया" मगर ये हाल हुआ....
हर एक "खयाल" से पैदा "तेरा" खयाल हुआ...

Two Line Shayari In Hindi


कहीं तुम भी न बन जाना किरदार किसी किताब का,
लोग बड़े शौक से पढ़ते है कहानिया बेवफाओं की....

जिन्दगी, रिश्ते, मोहब्बत, आरजू, ख्वाब,
फल तो ज़हरीले हैं, लेकिन जायका लाजवाब है

हमसे  मिलकर  वो क्या  गजब ढ़ाने लगे
खुद को  छोड़कर मेरी  कसम  खाने लगे.

काश वो मुझे यूं चाहताी
जैसे लोग सुकून चाहते हैं...

बेहद प्यार करता हूं कहने में
ओर बेहद प्यार करने में बेहद फ़र्क होता हैं...

नफरत और मोहब्बत जब भी करते हैं...
हक़ से करते हैं और बेहद करते हैं....

कैदी हैं सभी यहाँ
कोई ख्वाबों का कोई ख्वाईशों का...

दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर,
जब मासूमियत से वो कहती है मैंने क्या किया है

  बहुत खूबसूरत है तुम्हारी मुस्कराहट,
पर तुम मुस्कुराती कम हो।
सोचता हूँ देखता ही रहू तुम्हे,
पर तुम नज़र आती ही कम हो।  

संगदिलों की दुनिया है ये, यहाँ सुनता नहीं फ़रियाद कोई,
यहाँ हँसते है लोग तभी, जब होता है बरबाद कोई।

मुझसे बात ना करके वो खुश है तो शिकायत कैसी।
और मै उसे खुश भी ना देख पाऊ तो मोहब्बत कैसी।

ना बरसाओ यू मोहब्बत बारिशो की तरह
हम जो फिसल गए तो गजब होगा।

तेरे फ़ोटो की धूप से अब मैं ख़ुद को सेक रहा हूँ !
लग रहा कितने सदियों बाद तुझे फिर से देख रहा हूँ !

चुपके से आकर मेरे कान मे,एक तितली कह गई अपनी ज़ुबान मे…
उड़ना पड़ेगा तुमको भी,मेरी तरह इस तूफान मे…

नजरअंदाज करने वाले तेरी कोई ख़ता ही नही
महोब्बत क्या होती है शायद तुझको पता ही नही...

मैं समुंदर का लिबास हूं अभी इस नदी को पता नहीं।
यह सब मुझमें आके मिल गई में किसी में जाके मिला नहीं।।

तेरी बातें तेरी यादें और तेरे ही फ़साने हैं....
लो बूल करते हैं हम तेरे ही दीवाने हैं।

हर रोज आजकल मैं सरेआम बिकता हूँ.
मैं ज़मीर हूँ साहब आजकल कहां टिकता हूँ।

कैसे बयान करें सादगी अपने महबूब की,
पर्दा हमीं से था मगर नजर भी हमीं पे थी।

ये दुनियाँ वाले भी बड़े अजीब होते है कभी दूर तो कभी करीब होते
दर्द ना बताओ तो हमे कायर कहते और दर्द बताओ तो हमे शायर कहते है

मेरी जिंदगी में तेरा ही नाम होगा
मेरे देश तुझे मेरा बार बार सलाम होगा।

Two Line Love Shayari


विरासत के दौलतमंद क्या जाने मेहनत का नशा...
जिंदगी वो नहीं, जो अपने पुरखो पे जी जाएँ....

कहते है कि पत्थर दिल रोया नही करते
तो फिर पहाड़ो से ही झरने क्यों बहा करते है।

तुमको होगी.. लाख समझ इश्क़ की..
हमारी इश्क़ में.. नादानी ही अच्छी....

पुरानी शाख से पूछो कि जीना कितना मुश्किल है..
नए पत्ते तो बस अपनी अदाकारी में रहते हैं।

परिंदों की कतारें उड़ न जातीं तो क्या करतीं,
हमारी बस्तियों में सूखी झीलों के सिवा क्या है..

शिकायतों की भी,अपनी इज्जत है..
हर किसी से की नहीं जाती है...

आंखों में आंसू आए तो खुद ही पोंछ लेना
दुनिया आएगी पोंछने तो सौदा करेगी......

खुशियो के बेदर्द लुटेरो गम बोले तो क्या होगा।
और खामोशी से डरने वालो हम बोले तो क्या होगा।

मुझे मालूम है तुम्हारी आँखों के फ़साने,
मैंने इनमें डूबकर अपनी जान बचाई है।

मत पूँछ ऐ मेरे दोस्त तू हमे कितना भाता है
हम ख्वाबो में भी आइना देखते है तो उसमें भी तू नज़र आता है..

इस शहर में जीने के अंदाज़ निराले हैं
होंटों पे लतीफ़े हैं, आवाज़ में छाले हैं...

तू मेरे दिल पे हाथ रख के तो देख
मैं तेरे हाथ पे दिल ना रख दूँ तो कहना...

तेरे दिल का मेरे दिल से, रिश्ता अजीब है
मीलों की दूरियां , और धड़कन करीब है....

आईना फैला रहा है खुदफरेबी का ये मर्ज
हर किसी से कह रहा है आप सा कोई नहीं।

शोर करने वाले अगर खामोश हो जाये तो ...
उनकी ख़ामोशी से सुकून नहीं खौफ आता है।

जुदा होकर भी जुदाई नहीं होती
इश्क उम्र कैद है प्यारे इसमें रिहाई नहीं होती।

मेरी मुहबत भी बेमिसाल होगी। उसकी खुशी मे मेरी खुशी होगी।
वो जितना प्यार करेगी मुझसे मेरी जिंदगी उतनी कमाल होगी।

छुपा लूंगी तुझे इस तरह से बाहों में,हवा भी गुज़रने के लिए इज़ाज़त मांगे,
हो जाऊं तेरे इश्क़ में मदहोश इस तरह;कि होश भी वापस आने के इज़ाज़त मांगे

जब भी पूछा उनसे की मुहबत है मुझसे उसने ना ही कहा,
मुहबत क्या है उनको शायद पता ही नहीं।

वो हँस पड़ें तो...कई दर्द टाल देता है
खुदा किसी किसी को ही ...ये कमाल देता है।

ना जाने कौनसी, दौलत हैं.कुछ दोस्तों के ,लफ़्जों में
बात करते है तो दिल ही खरीद लेते हैं।

हमे मालूम था अपनी दिल्लगी का नतीजा•••
तभी मोहब्बत से पहले शायरी सीखी थी हमने•••

काहे की नादानी, कौन सी मासूमियत...कौन से रिश्ते....
हमें तो अब मजाक भी, समझदारी से करना पड़ता हैं।

Two Line Shayari For Love


एक साँस सबके हिस्से से हर पल घट जाती है
कोई जी लेता है ज़िंदगी,किसी की कट जाती है..

गुजरे कल मे  मुहबबत मुझे आती नही थी
और आज है की दिन रात उसके ही इंतजार में कट् रहे हैं।

नशीली आँखों से वो जब हमें देखते है, तो हम घबरा कर आँखे ही बंद कर लेते है,
कौन मिलाए उनकी आँखों से आँखे, सुना है वो आँखों से ही अपना बना लेते है।

नज़र बन के कुछ इस क़द्र मुझको लग जाओ,
कोई पीर की फूँक ना पूजा ना मन्तर काम आये...

मै मतलबी नही जो साथ रहने वालो को धोखा दे दूँ,
बस मुझे समझना हर किसी के बस की बात नही।

हम क्या है उनके लिए ये मालूम नही,
फिर भी उनका साथ अच्छा लगता है।

दर्द भी वही देते हैं , जिन्हे हक दिया जाता हो...
वर्ना गैर तो धक्का लगने पर भी , माफी माँग लिया करते हैं...

रिश्ता उससे मेरा कुछ इस कदर बढ़ने लगा,
मैं उसे लिखाने लगा और वो मुझे पढ़ाने लगी।

मोहरे" हैं हम यहाँ दोस्तो ये ज़िंदगी इक "बिसात" है,
इक क़दम पे "शह" है इक क़दम पे "मात" है।

वो पत्थर कहाँ मिलता है बताना जरा ए दोस्त
जिसे लोग दिल पर रखकर एक दूसरे को भूल जाया करते हैं..

अभी लिखी है ग़ज़ल तो अभी दीजिये " दाद " ....
वो कैसी तारीफ जो मिले मौत के " बाद " .....

जिस्म तो फिर भी थक हार के सो जाता है....
काश दिल का भी कोई बिस्तर होता.....

चेहरे की हंसी को ...... दिल की खुशी समझ लेते हैं लोग,
काश ! कुछ पल रुककर ....... किसी ने दिल का हाल भी समझा होता।

कोई जन्नत का तालिब है कोई गम से परिशां है....
जरूरत सजदा कराती है इबादत कौन करता है.....

अदब से झुकना मेरी फितरत में शामिल था
मगर हम क्या झुके लोग तो खुद को खुदा समझ बैठे।

लिपट  कर  रोयें  बेटियों  से वो  अपनी  हालत  पर
जो  कहेते  थे  विरासत  के  लिए बेटा  जरूरी  है

पागल है दिल रोज एक नई नादानी करता हैं
आग मे आग लगाकर फिर पानी पानी करता हैं।

लाख करो गुज़ारिशें, लाख दो हवाले,
बदल ही जाते हैं, आखिर बदल जाने वाले..!!

इंतज़ार लिखते हुए ये एहसास हुआ के
ये इंतजार से लंबा कोई लफ्ज़ ना मिला...

कुछ लोग मुझे बुरा कहे तो में बुरा भी हु,
जरूरी तो नही सारी खुबिया मुझमे ही हो।

कोशिश की बहुत, उसको भुलाने की,
लेकिन वो है कि यादों से मिटती ही नहीं है।

जो हैरान है मेरे सब्र पर उनसे कह दो,
जो आंसू जमीन पर नहीं गिरते दिल चीर जाते है...

वो लम्हा मेरी जिंदगी का बडा अनमोल होता है
जब तेरी बातें, तेरी यादें, तेरा माहौल होता है।

तुझसे बेइंतहा बेपनाह मोहब्बत है बस इतना क़ुबूल पाऊँ...
बता कौन सी राह से आऊँ कि तुम तक पहुँच जाऊँ....

दिखी तस्वीर जब तेरी,तसव्वुर ने कहा मुझसे,
ग़ज़ल है सामने तेरे,ख्यालों में क्यों उलझे हो..

हम ने दिल के दरवाज़े पर लिखा था अन्दर आना मना है,
इश्क़ ने आ के फ़रमाया, माफ़ कीजियेगा मैं अँधा हूँ।

बड़ी भीड़ सी लग रही है आपके दिल मे
खुद ही निकल जाए तो बेहतर होगा।

आज बहुत सोच के खुद से सवाल किया मैने,
ऐसा क्या है मुझ मे जो लोग मुझ से वफा नही करते।

बस कीमत बता तू मुझे मोहब्बत से रिहाई की,
बहुत तकलीफ होती है तेरी यादों की सलाखों में।

कितना अच्छा होता तुम जो मतलबी होते,
और तुम्हें सिर्फ मुझसे ही मतलब होता।

हम बोले उनसे मुझसे इश्क ना करो,उन्होने कहा,
कर कौन रहा है वो तो हो रहा है।।

रूठने की अदाएं भी क्या गज़ब थी उनकी,
गले लगाकर बोले बात नहीं करनी मुझे तुमसे।।

दिल पागल है हदे तोड देता है
लाख कोशिशो के बाद भी तेरी और दौडता है।

मौसमें मिज़ाज गुलज़ार कर गए
उफ्फ तुम मुस्कुराकर कर्जदार कर गए!

मैंने दिल को भी सिखा दिया है हुनर हद में रहने का
वरना हर पल ज़िद करता था तेरी पनाह में रहने की।

तेरी एक मुस्कान देख, दलीले खाख हो जाएंगी,
कुछ यूँ होगा असर की गलतियाँ माफ हो जाएंगी।

आखिर क्यों बदलते है जिसे हम अपना समझते है,
और क्यों पराये अपनो से बढ़कर साथ निभाते हैं।

Two Line Shayari Love


जब नफरत करते करते थक जाओ,
तो प्यार को भी एक मौका दे देना ....

बदलते हुए लोगो के बारे में आखिर क्या कहूँ में,
मैंने तो अपना ही प्यार किसी और का होते देखा है।

इँतजार करते करते एक और रात बीत जायेगी,
पता हैं तुम नहीं आओगे और ये तनहाई जीत जायेगी...

काश वो समझ पाती हम उनसे ही क्यो बात करते हैं,
काश वो समझ पाती हम उनका ही इंतजार क्यो करते हैं  ......

तु आदत बनता तो हम छोड़ भी देते,
लेकिन तु तो हमारी जिन्दगी बन चुकी है ....

नहीं है ''शौक़-ए-तारीफ़'' सिर्फ़ जज़्बात लिखता हूं,
जो होता है ''महसूस-ए-ज़िन्दग़ी'' वो ही तो अल्फ़ाज़ लिखता हूं।

बदलती चीजें हमेशा अच्छी लगती है पर
बदलते हुये अपने कभी अच्छे नहीं लगते।

उसकी मुस्कान से पड़ता है मेरी सेहत में फर्क,
और लोग पूछते है की दवा का नाम क्या है।

वहाँ तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है,
जहाँ हालात बदल जाएँ वहाँ तुम भी बदल जाना।।

अगर कोई कहे कि काम वही करो जिसमे मन लगे,
इसका मतलब ये नहीं कि आप इश्क़ कर लो

'एहतियात' बहुत जरूरी   है !
चाहे 'सडक' पार कर रहे हो या 'हद' ....!!

कुछ लोग पसंद करने लगे हैं अल्फाज मेरे
मतलब मोहब्बत में बरबाद और भी हुए हैं।

मेरी ग़ुर्बत को शराफ़त का अभी नाम न दे
वक़्त बदला तो तेरी राय बदल जाएगी।

मेरा प्यार सच्चा था इसलिए तेरी याद आती है,
अगर तेरी बेवफाई भी सच्ची है तो अब यादों में मत आना।

Two Line Shayari On Love


इश्क़ पे मुकदमा अगर चले तो,
मेरा भी यारो कभी मुद्दा रखना...

तेरा यू देखना यू ही देखते रहना,
कत्ल की कोशिशो मे शुमार होता है।

महक रहे हैं फ़ज़ाओं में बेहिसाब से हम,
क़रीब आ के तेरे, हो गये गुलाब से हम।

छिड़क कर होंठों पर हल्की सी हँसी..
उसने ख़ुद को ...अोरो से हसीन बना लिया...

कुछ कस्में हैं जो हम आज भी निभा रहे हैं...
तुम्हें चाहते थे और तुम्हें ही चाह रहे हैं...

अजीब है मेरी "आँखें" उसी को "ढूंढती" है...
जो "बंद आँखों" से बेहतर "दिखाई" देता है...

रूठा रहे वो मुझसे ये मंज़ूर है हमें,
लेकिन उसे समझाओ के मेरा शहर न छोड़े।

मैं कहाँ से लाऊं, बता कहा बिकता है,
वो नसीब जो तुझे उम्र भर के लिए मेरा कर दे।

कुछ दूर हमारे साथ चलो, हम दिल की कहानी कह देंगे,
समझे ना जिसे तुम आखो से, वो बात जुबानी कह देंगे ।

बस तुम ही तुम हो हर वक़्त ख़यालात में,
दिलकश शाम और गुमशुदा सी रात में,

बचपन के खिलौने सा कही छुपा लू तुम्हे..
आँसू बहाऊ, पाव पटकूं, और पा लू तुम्हें।

ना चाहत के अंदाज़ अलग...,,ना दिल के जज़्बात अलग...,,
थी सारी बात लकीरों की..,,तेरे हाथ अलग,मेरे हाथ अलग।

ना जाने इस जिद्द का नतीजा क्या होगा,
समझता दिल भी नहीं वो भी नहीं और हम भी नहीं।

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