Best 70 Real Love Shayari in Hindi For GirlFriend Boyfriend With Image

Real Love Shayari in Hindi For GirlFriend Boyfriend



मोहब्बत नहीं दे सकते हम समझते हैं।
पर दर्द बन कर ही साथ रहो मेरे
सुना है दर्द बहुत लम्बे समय तक साथ देता है।।





शराफ़तो की यहाँ कोई एहमियत ही नहीं
किसी का कुछ न बिगाड़ो तो कौन डरता है


वफ़ा का नाम सुना था पुराने लोगो से,
हमारे वक़्त में ये हादसे हुआ नहीं करते !


इतनी भी जल्दी क्या है रूठने की
किस्मत में तो तुम वैसे भी नहीं हो।


कोनसा दिल कोनसे लफ़्ज़ कोनसी आग
ओर कोनसा तीर
हम तो एसे बहते है इस ज़िंदगी में
जैसे हों कोई नदियाँ का नीर।


नहीं मिलती वफ़ा अब
उन प्यार के रिश्तों में,
दुनिया में लोगो के बदल जाने की रस्म
अब आम हो गयी है....!!


मैं चाहता हूं कि वो और जी ले,
मगर वो मुझ पर मरती ही जा रहा है


जो तरीक़ा दुनिया का है
उसी तौर से बोलो...
बहरों का इलाक़ा है
ज़रा ज़ोर से बोलो....!!


" हैरत है उनको .....
मुझे मजबूत देखकर
 जो लोग मुझे .....
 कमजोर करने पर तुले थे " !!


गले मिलकर छुरा घोंपने का रिवाज है यहां...
क्या शहर है कायदे का दुश्मन नहीं मिलता....!!


और भी बनती लकीरें दर्द की
शुकर है खुदा तेरा जो हाथ छोटे दिए !!


कितना डरावना होता है....
"है" का "था" हो जाना.....?


कोशिश न कर, सभी को “खुश” रखने की,
कुछ लोगो की “नाराजगी” भी जरूरी है,
चर्चा में बने रहने के लिए…


दूरियों का ग़म नहीं अगर फ़ासले दिल में न हो
नज़दीकियां बेकार हे अगर जगह दिल में ना हो



दूरियों का ग़म नहीं अगर फ़ासले दिल में न हो
नज़दीकियां बेकार हे अगर जगह दिल में ना हो



शायद लोगों की नजरो मे
हमारी कोई कीमत ना हो
लेकिन कोई तो होगा
जो , हमारा हाथ पकड़ कर
खुद पर नाज़ करेगा


यूँ तो सब कुछ सलामत है तेरी दुनियाँ में
बस रिश्ते ही हैं जो कुछ टूटे-टूटे से
नज़र आते है..


अब आँसू नहीं आते अपने हालात पर,,,
बस अब तरस आता है अपने आप पर...


तेरे जाने के बाद इतने गम मिलें
कि तेरे जाने का गम ही न रहा 


सुलगती रेत में पानी की अब तलाश नहीं
मगर ये मैंने कब कहा के मुझे प्यास नहीं।


ज़रा छू लु उनको कि मुझको यकीं आ जाए,
लोग कहते है मुझे साये से मोहब्बत है।


क्या खूब मजबूरी है गमले में लगे पेड़ों की
हरा भी रहना है और बढ़ना भी नहीं।


देखा है जिंदगी को कुछ इतने करीब से
लगने लगे हैं तमाम चेहरे अजीब से।


हमें भी शिकायत हुआ करती थी
कभी इन दर्द भरे नगमो से
लेकिन आजकल इसमें
हम भी अपना अक्श पाते हैं


जिंदगी में कुछ गहरे जख्म कभी नहीं भरते
इन्सान बस उन्हें छुपाने का हुनर सीख जाता है।


सब्र और सहनशीलता
कोई कमजोरियां नहीं होती है
ये तो अंदरुनी ताकत है
जो सब में नहीं होती।


दिल की तमन्ना इतनी है
कुछ ऐसा मेरा नसीब हो
मैं जहाँ जिस हाल में रहुँ
बस तू मेरे करीब हो।


जो महसूस करते हैं बयाँ कर देते हैं,
हमसे लफ़्ज़ों की दगाबाज़ी नहीं होती।


माना की सभी गलत है तेरी नज़रो में
वैसे तु भी कोई फरिश्ता तो नहीं हैं।


मुस्कुरा कर उन का मिलना और
बिछड़ना रूठ कर..
बस यही दो लफ़्ज़ इक दिन
दास्ताँ हो जाएँगे..


पंखी उड़ जाए उसका कोई ग़म नहीं
बस शर्त इतनी हे की
डाली हिलनी नहीं चाहिए


तेरी आँखों में कुछ ऐसा नशा है...
तुम दिल में , दिल आंखों में बसा है...


मिले हुए समय को ही अच्छा बनाए,
अगर अच्छे समय की राह देखोगे
तो पूरा जीवन कम पड़ेगा।


" ज़िस्म अटका रहा .... ख्वाहिशों में और ...
 ज़िंदगी हमें जीकर चलती बनी " !!


एक-एक कर साल गिर रहें है टूट कर,
वक़्त को ये कैसा पतझड़ लगा है..!!


" ख़ुदकुशी हमेशा जिस्म ही नहीं करते ,
  कुछ ख़्याल समय की चौखट पर यूँ हीं
  झूल जाया करते हैं " !!


क्या तुम उस वक़्त मिलने आओगे ?
साँस जब घर बदल रही होगी......


लिखता हूँ खुद को खत भी तेरे ही नाम से
देता हूँ दिल को तसल्ली यूँ भी कभी-कभी


सब तेरी मोहब्बतों की इनायत है वरना,
मैं क्या!मेरा दिल क्या!मेरी शायरी क्या!!


बढ़ती गयी दिन-ब-दिन उनकी मनमर्ज़ियाँ.... !!
फिर हुआ यूँ कि हम फिर से अजनबी हो गए .....!!


ऐब भी बहुत है मुझमें और खूबियां भी
 ढूंढने वाले तू सोच , तुझे क्या चाहिए......


चला था ज़िक्र ज़माने की बेवफ़ाई का
सो आ गया है तुम्हारा ख़याल वैसे ही


माना कि हवाए भी अपना
रूख बदलती है
पर इंसान जितना तो नहीं


ज़िंदगी छोटी सी सही,
पर दिल हर किसी से लगाइये नहीं..!
जीवन होता बहुत सरल है, उलझाइये नहीं,


तुम्हारी ऑखाें से ऑखें
मिलाने का मन कर रहा है
अब साेने का नही
तुम्हें जगाने का मन कर रहा है


अभी तो दोस्ती करने का मन बनाया
तकरार करूं कैसे ?
अभी ताे खफा़ नज़र आ रही है
इकरार करूं कैसे  ?


फोन से block किया चलेगा
दिल से न होना चाहिए
प्यार एकतरफा नही चलेगा
दोनों ओर से होना चाहिए


पाँव हौले से रख
कश्ती से उतरने वाले
जिंदगी अक्सर किनारों से ही
खिसका करती है ...


हिम्मत नहीं तो, प्रतिष्ठा नहीं..
विरोधी नहीं, तो प्रगति नहीं..


हाथों की लकीरों को किस्मत कहते हैं
   मगर  मेहनत करते हैं बेचारे हाथ
और तालियां बटोरी है पंडितों की बात


किताबों में जिंदगी लटक गई है
जब से मेरी जान जान में अटक गई है


डूबते डूबते बचा हूं अभी
और फिर प्यास लग रही है मुझे..!!


शाम आये और घर के लिए
दिल मचल उठे...!!
शाम आये और दिल के लिए
कोई घर ना हो...!!


सब अच्छे ही होते हैं..
कोई मेरे जैसा क्यों नहीं होता


जाने क्या था जाने क्या है
जो मुझसे छुट रहा है
यादें कंकर फेंक रही है
और दिल अंदर से टूट रहा है


इतनी चाहत के बाद भी
तुझे एहसास ना हुआ,
जरा देख तो ले,
दिल की जगह पत्थर तो नहीं...


बेगुनाह कोई नहीं है,
सबके राज़ होते हैं..
किसी के "छुप" जाते हैं,
तो किसी के "छप" जाते हैं..


वो आज गुमसुम सी जो बैठीं हैं
या तो हमारी बात दिल पर लगी है
या हमारी बातो से दिल लगा बैठी है


बीच रास्ते में खो गया हूं
कल के चक्कर में आज अटक गया हूं


समझता ही नहीं वो शक्श
मेरे अल्फ़ाज़ों की गहराई।
मैने हर वो लफ्ज़ कह दिया
जिसमें दोस्ती हो।


सुलगती रेत में पानी की अब तलाश नहीं
मगर ये मैंने कब कहा के मुझे प्यास नहीं


हमें भी शिकायत हुआ करती थी कभी
इन दर्द भरे नगमो से
लेकिन आजकल इसमें हम भी
अपना अक्श पाते हैं


बचपन की सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी ये थी कि
बड़े होते ही ज़िन्दगी मज़ेदार हो जाएगी


देखा है जिंदगी को कुछ इतने करीब से
लगने लगे हैं तमाम चेहरे अजीब से


सब्र और सहनशीलता
कोई कमजोरियां नहीं होती है
ये तो अंदरुनी ताकत है
जो सब में नहीं होती


ज़िंदगी में हर एक का एक सपना होता है
पर क़िस्मत का खेल देखो
वो सपना टूट जाता है
या उसे पूरा करने का समय छूट जाता है


दिल की तमन्ना इतनी है
कुछ ऐसा मेरा नसीब हो
मैं जहाँ जिस हाल में रहुँ
बस तू मेरे करीब हो


प्रेम में जबरदस्ती नही
जबरदस्त होना चाहिए ..


आज लाखो रुपये बेकार है
वो एक रुपये के सामने
जो माँ स्कूल जाते वक्त देती थी


जो कुछ खो गया उसे भूल जाओ
ताकि जो बाकी है उसे हासिल कर सको।


मिले हुए समय को ही अच्छा बनाए
अगर अच्छे समय की राह देखोगे
तो पूरा जीवन कम पड़ेगा।

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