Heart Touching Love Shayari in Hindi With Image - New Hindi Shayari

Feel the Heart Touching Love Shayari In Hindi With Image  दिल को छू जाने वाली शायरी हिंदी में! Loving and Sad Heart Touching Shayari for Your Loved Ones.





कितनी क़ातिल है ये मेरी आरज़ू ज़िंदगी की,
मरते है हम तुमपर जीने के लिए...


Heart Touching Love Shayari

यूं ही नहीं दिल ढूंढता है उसे बार बार,
एक हिस्सा है मेरा जो कहीं रह गया है उसमें

फिदा होना मेरा उनपे लाजमी है,
हुस्न के ताजमहल को अंगड़ाई लेते जो देखा मैने....

Heart Touching Love Shayari

इश्क़ शराब की तरह हो गया,
पी लो तो नशे में,ना पियो तो तलब मार दे..

हाथों की लकीरो पे मत जा “ग़ालिब”
नसीब उनके भी होते है जिनके हाथ नहीं होते

Heart Touching Love Shayari

बहुत खूबसूरत है ये पूरी कायनात,
फिर भी तुम्हारे ख्याल से दिलकश कुछ भी नहीं..

कैद कर लो हमें अपने हक के दायरे में...!!
यूँ आज़ाद होकर रहना अब अच्छा नहीं लगता...!!

Heart Touching Love Shayari

कल तक सिर्फ़ एक अजनबी थे तुम,
आज दिल की एक एक धड़कन पर हुकूमत है तुम्हारी..

सफल रिश्तों के यही उसूल हैं,
बातें भूलिए, जो फिजूल हैं...

Heart Touching Love Shayari

किसी की आदत हो जाना,
मोहब्बत हो, जाने से ज्यादा खतरनाक है..

तुम्हारे साथ ही हर जन्म है मंज़ूर हमें।
बस ये दुनिया हमें रहने की इजाज़त दे दे।

Heart Touching Love Shayari

तड़प तो वो भी रही होगी मेरी याद में,
फर्क इतना है शायरी नही आती है उसे...

तसल्ली के भी नख़रे बहुत हैं,
लाख कोशिशें कर लो मिलती ही नही है..

Heart Touching Love Shayari

कुछ इस तरह से जुड़ गये दिलों के धागे,
तुम वहाँ, मैं यहाँ, दोनों ही आधे आधे...

खामोशी समझदारी भी है और मज़बूरी भी
 कहीं नज़दीकियाँ बढ़ाती है और कहीं दूरी भी..

Heart Touching Love Shayari

इसी फ़िराक़ में थी यह निगाहें..
कि हम तेरी मोहब्बत में फ़कीर हो जाएं ....

अए हवा उड़ा के ज़ुल्फें उनकी सूरत को न छुपा
बाद मुद्दत के मेरा हमनशीं यूँ बे-नक़ाब आया है.

Heart Touching Love Shayari

एक उमर बीत चली है उन्हें चाहते हुए,
वो आज भी बेखबर है कल की तरह..

अब क्यूँ तकलीफ होती है उसे इस बेरुखी से,
तुम्हीं ने तो सिखाया है कि दिल कैसे जलाते हैं. . .

तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है.
पूरी उसकी होती है जो तकदीर लेकर आता है..!!

धड़की थी जो तुम्हे देखकर,
याद है मुझे अभी भी वो पहली धड़कन..

साथ तो सबने छोड़ा है राह-ऐ-मंज़िल में मगर !
ऐ ग़रीबी तु इतनी वफ़ादार कैसे निकली,,,?

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